किया अलग अछि केजरीवालक राजनीति ?

जनकपुरधाम फागुन १ गते ।भारतक दिल्ली विधानसभा चुनावमे फेर एकबेर अरविंद केजरीवाल नेतृत्वक आम आदमी पार्टी (आप) जीत हासिल कएलक अछि । पार्टी सामान्य आदमीक दैनिक बात आगु बढा कऽ चुनाव लडल आ ७० मेसँ ६२ सिटपर जीत हासिल करबामे सफल भेल ।
पार्टीक टक्कर सीधा–सीधा केन्द्रक सत्ताधारी दल बीजेपीसँ छल । एहि अवस्थामे केजरीवाल आ हुनक चुनावी रणनीति प्रशंसनीय अछि ।
केजरीवालक पार्टी ¥याली, धर्नासहितक शान्तिपूर्ण गतिविधिसँ करिब ८ वर्षपहिने राजनीतिमे आएल अछि । पार्टी सन् २०१३ मे दिल्ली विधानसभा चुनाव लडि कऽ जीत हासिल कएने छल । मुदा, जनलोकपालक विषयकेँ लऽ कऽ केजरीवाल किछुए सप्ताहबाद राजीनामा देलन्हि । ओहिकेबाद सन् २०१५ मे आम आदमी पार्टी दिल्लीमे सरकार बनओलक ।
मुदा, एहिबेर सेहो विवादसँ दुर नहि रहि सकल आप । कहियो केजरीवाल दिल्ली सरकारक अधिकारकेँ लऽ कऽ राजपालसँ ओझराहटमे परल तऽ कहियो पुलिस दिल्ली सरकारअन्तर्गत लएबाक माँग राखि कऽ विवादमे परलन्हि । दिल्लीकेँ राज्य बनएबाक माँग कऽ कऽ सेहो केजरीवाल विवादित बनलथि ।
आम आदमीक चेहरा लऽ कऽ राजनीतिके अखाडामे उतरल केजरीवाल एहि बेरक विधानसभा चुनावमे विवादसँ दूर रहबाक पूरा कोशिश कएलन्हि । बीजेपीक साम्प्रदायिक मुद्दामे घुमि रहल राजनीतिके आगु ओ स्थानीय मुद्दा उठओलन्हि । एहिसँ ई सावित होइत अछि की समयके संगहि केजरीवाल एक नेताके रुपमे आओर परिपक्व भेल छथि । राजनीतिक मैदानमे अरविंद केजरीवाल पैघ प्रगति कएलन्हि अछि ।
आप आब अर्बन गभर्नेन्स पार्टीक रुपमे आगु आएल अछि । दिल्लीजँका शहरी इलाका अधिक रहल प्रदेशमे पार्टी पाँच वर्षमे अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कएलक अछि । यहाय उपलब्धिकेँ आधार बना कऽ केजरीवाल निर्भयपूर्वक चुनाव लडलन्हि ।
भाजपा हुनक विरुद्ध विषाक्त अभियान चलओलक । हिन्दू आ मुसलमानबीच मतभेद उत्पन्न करबाक कोशिश कएलक । हिन्दूक ध्रुवीकरण अपन पक्षमे करबालेल, मुसलमानक ध्रुवीकरण आपके पक्षमे जएबासँ रोकबालेल आ मुसलमान भोट विभाजन करबाक रणनीति भाजपाक छल । मुदा केजरीवालक रणनीति भाजपाक एहि रणनीतिके विफल करबामे सफल रहल ।
एक सरकारी अधिकारी केजरीवालक राजनीतिमे प्रवेशे विरोध प्रदर्शनक रास्तासँ भेल छल । पछिला ६ वर्षके देखल जाए तऽ दुटा नेताक नेतागिरी खुब चमकल अछि भारतमे, मोदी आ केजरीवालक । दुनुके उदय सँगे भेल अछि आ दुनु राजनीतिमे स्थापित होइत गेलथि । मुदा, केजरीवाल मोदीसँ बहुतरास बातमे अलग छथि ।
नरेन्द्र मोदीक पाछु राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ आ ओकर पूरा तन्त्र अछि । आपके तुलनामे बीजेपी बहुत पुरान पार्टी अछि आ ओकर कार्यकर्ता सेहो कतेको गुणा अधिक अछि । देशक पैघ पूँजीपति सेहो मोदीक साथमे अछि ।
केजरीवालक बात फरक अछि । हुनकर पार्टी गरिबक पार्टीके रुपमे स्थापित भेल अछि । कोनो जाति या समुदाय एहि पार्टीक राजनीतिक पूँजी नहि अछि । भारतक अधिकांश पार्टीक किछु नहि किछु राजनीतिक पूँजी अछि, कोनो नहि कोनो जाति या समुदायके ओकरा समर्थन अछि ।
आपके साथमे एहि प्रकारक कोनो राजनीतिक पूँजी नहि अछि आ कोनो समुदायक समर्थन सेहो ओकरा नहि अछि । संगहि जाहि राज्यमे ओ राज नीति करैत अछि, ओ राज्य सेहो अन्यसँ अलग अछि । एहिकारण सेहो ओकर राजनीति अगल भेल अछि । आपके केन्द्रीय तत्व शहरी सुशासन अर्थात अर्बन गभर्नेन्स अछि आ ओ एहि पर केन्द्रित अछि । शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायातसहितक क्षेत्रमे केजरीवालक पार्टीके प्रदर्शन निक अछि । यहाय प्रदर्शन भाजपाके पराजित कएलक ।
आप पहिलबेर सरकार बनबैतकाल बजेटमे शिक्षा, यातायात, स्वास्थ्यसहितक सामाजिक क्षेत्रमे प्रशस्त रकम विनियोजन कएलक । केन्द्र सरकार तथा देशक अन्य कोनो राज्य एना नहि कएने छल ।
शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात क्षेत्र निजी क्षेत्रकेँ देबाक बहस चलि रहल समय आप एक कदम आगु बढि कऽ एकर जिम्मेवारी अपने लेलक आ सुधारके प्रयास सुरु कएलक । आमनागरिककेँ एकर लाभ भेटल । आप अर्बन गभर्नेन्सतथा वेलफेयर सरकारक मोडलसँ ई अलग अछि ।
गत वर्ष केन्द्र सरकार नागरिकता संशोधन कानुन लागू करबाक घोषणा कएलक । एकर विरोधमे देशभरि प्रदर्शन भेल । मुदा दिल्लीक शाहीन बागमे महिलासभक प्रदर्शनके अधिक चर्चा भेल । दिल्ली विधानसभा चुनावक तैयारी तीव्र रुपेँ चलि रहल समय ई प्रदर्शन भेल । केजरीवाल नहि तऽ एकर समर्थन कएलन्हि आ नहि तऽ विरोधमे किछु बजलन्हि । भाजपा शाहीन बाग मुद्दाकेँ रणनीतिक रुपेँ उठाबए चाहि रहल छल मुदा ओ सफल नहि भेल ।
२०१५ के चुनावक तुलनामे एहि वर्ष बीजेपी निक प्रदर्शन कएलक अछि । आहि समय तीनटा सीट पर सीमित भेल पार्टी एखन ८ सीट जितल अछि । एकर मतलब केजरीबालक समर्थन कम भेल अछि तऽ ?
पाँच वर्ष सरकार चलओलाक बादो केजरीवालक पार्टीक विरुद्ध राज्यपाल एहि प्रकारक लडैत रहलाह जेना ओ विपक्षी दलक नेता रहथि । बीजेपी तऽ विरोधीए छल, मिडियाक एकटा पैघ तप्का, पुलिस, सीबीआई, एनफोर्समेन्ट डाइरेक्टरेटसँ सेहो लडए परल छल आपके । एतेक पैघ विरोधीकेँ परास्त कऽ ओ ६२ सीट जितल अछि । बीजेपी तऽ अपन सभ मुख्यमन्त्री तथा शीर्ष नेतासभकेँ दिल्लीक मैदानमे उतारने छल ।
ओना तऽ चुनाव प्रचारमे करोडौं रुपैयाँ खर्च कएने आरोप सेहो लागल अछि, केजरीवालकेँ । मुदा ई बात बुझए परत– राजनीतिक दावपेच खेलबाक मामलामे दुटा बात जरुरी अछि । यदि आहाँ काज नहि कएने छी मुदा प्रचारमात्र कएने छी तऽ सफलता नहि भेटत । आ, यदि आहाँ काममात्र कएलीह मुदा ओकर प्रचार नहि कएलीह तऽ राजनीतिक दावपेच बेकार भऽ जाइत अछि ।
राजनीतिमे कोनो एकटा काज कऽ कऽ सफल नहि भेल जा सकैत अछि । राजनीतिमे निक शासन करबाक अलावा रणनीति सेहो अपनाबए परैत अछि, विपक्षीके रणनीति सेहो बुझए परत । मिडियाक सदुपयोग करए परैत अछि आ सामाजिक समीकरण सेहो बनाबए परैत अछि । चुनावी रणनीति बहुआयामिक होइत अछि । आब बहुतोके आशा अछि– आप दिल्लीबाहेक अन्य स्थानमे सेहो अपन हाथपायर फैलाओत । बीबीसी

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