विश्व अर्थतन्त्र अनिश्चततातर्फ

काठमाण्डु पुस २२ गते ।किछु दिन एम्हर बजारमे सोनके मूल्यमे व्यापक वृद्धि भेल अछि । गत रविदिन मात्र एकहि दिन एक तोलामे एक हजार रुपैयाँ वृद्धि भेल सोनके मूल्य ७५ हजार ५ सय रुपैयाँ पहुँचल अछि । ई एखनधरिके उच्च दर अछि । सोनके ई मूल्यवृद्धि कोनो सिजन या लगनक समयक माँगके कारण नहि बढल अछि । बल्कि अन्तर्राष्ट्रिय बजारमे सोनके मूल्यमे आएल उच्च वृद्धिके कारण नेपाली बजारमे सेहो ओकर प्रभाव देखलगेल अछि ।
एखन अन्तर्राष्ट्रिय बजारमे सोनके मूल्य ७ वर्ष उम्हर उच्च विन्दुमे पहुँचल अछि । अन्तर्राष्ट्रिय बजारमे एखन सोनके मूल्यमे ३ दशमलव ४ प्रतिशतसँ वृद्धि होइत एक हजार ५ सय ७९ अमेरिकी डलर प्रतिऔंस पहुँचल अछि । किछु समय पहिने मात्र सोनके मूल्य अन्तर्राष्ट्रिय बजारमे एक हजार ४४ अमेरिकी डलर प्रतिऔंस मात्र छल ।
विश्व अर्थतन्त्रमे पैघ संकट अबैत देख रहलाक बाद लगानीकर्तासभ सोनतर्फ आकर्षित भेलाक कारण सोनक मूल्य वृद्धि भेल अर्थविद्सभ बतबैत छथि । वरिष्ठ अर्थविद् डा.डिल्लीराज खनाल विश्व अर्थतन्त्रमे संकट अबैत देखलाक बाद लगानीकर्ता लगानीके सुरक्षाके लेल सोन आ तेलमे लगानी कएलासँ मूल्य वृद्धि भेल बतबैत छथि । जाहि कारण डलरके मूल्य सेहो वृद्धि भेल हुनकर कहब अछि ।
‘विश्व अर्थतन्त्रक एखनुक मुख्य समस्या इरान आ अमेरिकाबीचक द्वन्द्वक परिणाम अछि । विश्व अर्थतन्त्रक पैघ हिस्सा रहल अमेरिका आ पैघ तेल आपूर्तिकर्ता इरानबीचक द्वन्द्व विश्व अर्थतन्त्रकेँ प्रभावित करत देखबामे आएल अछि,’ खनाल कहलन्हि,‘एहि अवस्थामे विश्व अर्थतन्त्र केम्हर जाएत सुनिश्चित नहि अछि । एहि कारण लगानीकर्तासभ सुरक्षणके लेल तेल आ सोनतर्फ आकर्षित होइत अछि । एहि कारण माँग बढि कऽ मूल्य वृद्धि होइत अछि ।’
एम्हर सोनके मूल्य वृद्धि हएबाक संगहि अमेरिकी डलरके मूल्यमे सेहो वृद्धि भेल अछि । विश्व अर्थतन्त्रसँ प्रत्यक्ष सम्बन्ध राखएबला अमेरिकी अर्थतन्त्र, सोन आ कच्चा तेलक माँग आ मूल्य वृद्धिके कारण डलरके मूल्य सेहो वृद्धि भेल अछि ।
अमेरिका आ इरान दु देशबीचक द्वन्द्वसँ विश्व अर्थतन्त्रमे जोखिम बढबाक संगहि लगानीकर्ता सोन आ कच्चा तेलमे लगानी बढओलासँ सोन आ डलर दुनुके मूल्य वृद्धि भेल राष्ट्र बैंकके प्रवक्ता डा.गुणाकर भट्ट बतबैत छथि ।
‘अमेरिकी अर्थतन्त्र, सोन आ तेलक अन्तर्राष्ट्रिय अर्थतन्त्रसँ प्रत्यक्ष सम्बन्ध रहैत अछि । एहिमे हलचल लाबएबला विविध कारणसभ अछि । एहिमेसँ एखनुक प्रमुख कारण अमेरिका आ इरानबीचक द्वन्द्व अछि,’ प्रवक्ता भट्ट कहलन्हि,‘अमेरिका–इरान दुनु देशबीचक द्वन्द्व उग्ररुप लेत की विश्व मानसमे एक प्रकारक डर छैक । ओहि कारण सुरक्षणके लेल लगानीकर्तासभ तेल आ सोनमे लगानी बढा रहल अछि । जाहि कारण डलरके माँग बढि कऽ मूल्य वृद्धि भऽ रहल अछि ।’
ओना तऽ लगानीकर्तासभ बैंक तथा वित्तीय संस्थान तथा कम्पनीसभसँ निक ब्याज नहि भेटला पर या सेयर कारोबारसँ विमुख भेला पर सोनतर्फ आकर्षित होइत अछि । एहि अवस्थामे सोनके माँग बढि कऽ सोन आ डलर दुनुके मूल्य बढि रहल भट्टराईक कहब अछि ।
अन्तर्राष्ट्रिय बजारमे डलरके मूल्य वृद्धि भऽ भारतीय मुद्रा अवमूल्यन भेल समय भारुसँगक साझेदार नेरु स्वतः कमजोर होएब आ ओकर प्रभाव नेपालमे परल हुनकर कहब अछि ।
एहिसँ पहिने चीन आ अमेरिकाबीचक शीत युद्धके कारण सेहो विश्व अर्थतन्त्रमे प्रभाव परल छल ।
विश्वके अर्थतन्त्रक उचारचढाव आ स्थिरतामे अमेरिकी अर्थतन्त्र, डलर आ सोनके त्रिकोणात्मक सम्बन्ध रहैत अछि । अमेरिकी अर्थतन्त्र मजबुत रहल समय अमेरिकी आर्थिक क्रियाकलाप बढि कऽ डलरके माँग बढैत अछि आ सोनके माँग घटैत अछि । जाहि कारण अन्तर्राष्ट्रिय बजारमे सोनके मूल्य घटैत अछि । मुदा अमेरिकी बजारमे आर्थिक क्रियाकलाप कम भेल समय सेहो डलरके माँगमे कमी नहि अबैत अछि । कारण लगानीकर्तासभ सोनतर्फ आकर्षित होइत अछि । आर्थिक कारोबारमे भविष्य नहि देखलाक बाद लगानीकर्तासभ सोनमे लगानी बढबैत अछि । जाहि कारण डलरके माँग घटए नहि दैत अछि ।

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