जनकपुरमे नेपाल साहित्य उत्सव

जनकपुरधाम कातिक २३ गते ।तीन दिवसीय नेपाल साहित्य उत्सव शुक्रदिनसँ जनकपुरमे शुरु भेल अछि । नेपाल साहित्य उत्सवके उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति डा.रामवरण यादव जानकी मन्दिरक प्र्राङ्गणस्थित रामजानकी विवाहमण्डपमे वृक्षारोपण कऽ कएलन्हि ।
बुक वर्ड फाउण्डेसनक आयोजनामे होबएबला उत्सवक उद्घाटनके बाद स्थानीय कलाकारसभ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कएने छलथि । कार्तिक २४ गते धरि चलएबला नेपाल साहित्य उत्सवमे विभित्र समसामयिक विषयउपर चर्चापरिचर्चा कएल जाएत ।
सन् २०११ मे शुरु कएलगेल साहित्य उत्सव काठमाण्डु आ पोखरामे सम्पत्र भऽ चुकल अछि तऽ एहिबेर जनकपुरमे आयोजना कएलगेल अछि । साहित्य उत्सवके विभित्र सत्रके लेल जनकपुरक विभित्र चारिटा ऐतिहासिक स्थल चयन कएलगेल अछि ।
कुल १३ टा सत्र रहल एहि उत्सवके लेल जनकपुरधामक जानकी मन्दिर, विवाहमण्डप, रेल्वे स्टेशन आ गंगासागर पोखरि प्रयोग कएल जाएत ।
उत्सवके दोसर दिन शिनिदिनसँ विभित्र समसामयिक विषयउपर चर्चापरिचर्चा शुरु होएत आयोजक जनओलक अछि । चुरेक चिन्ता शिर्षकमे राष्ट्रपति डा.रामवरण यादव आ पूर्वप्रधानमन्त्री माधव नेपालसँ पत्रकार चन्द्रकिशोर झा संवाद करताह ।
तहिना जानकी मन्दिरक प्राङ्गणमे नेपाली कांग्रेसक नेता प्रदीप गिरी सीताक विषयमे प्रवचन देताह । जनकपुरधामक रेल्वे स्टेशन पर होबएबला कार्यक्रममे कान्तिपुर दैनिकके सम्पादक सुधिर शर्मा प्रदेश २ क मुख्यमन्त्री लालबाबु राउतसँ संवाद करताह ।
तहिना मधेशक हिमाल विषयमे डा.रामदयाल राकेश आ कनकमणि दिक्षितसँ चर्चा होएत । स्वाभिमान सम्मान आ अभिमान विषय उपर हिमाल खबर साप्ताहिकके सम्पादक किरण नेपाल प्रदेश २ क मुख्य न्यायाधिवक्ता दीपेन्द्र झा आ प्रदेशसभा सदस्य रानी शर्मा तिवारी चर्चा करताह । एहि सत्रके मोडरेट नेपाली कांग्रेसक नेता गगन थापा करताह ।
विकासक खाकाउपर जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका, वीरगंज महानगरपालिका आ राजविराज नगरपालिकाक प्रमुखबीच संवाद होएत । तहिना साहित्य उत्सवमे सीमा संवाद, साहित्य, कविता वाचनसहितक सत्र सेहो समावेश कएलगेल अछि ।

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