आलम प्रकरणमे नयाँ ‘ट्वीस्ट’

जनकपुरधाम कातिक २३ गते ।नेपाली कांग्रेसक सांसद मोहम्मद आफताव आलम प्रकरणमे जिल्ला अदालत रौतहटमे थुनछेक बहस चलि रहल अछि । शुक्रदिन वादी पक्षक वकिलसभक बहस समाप्त भेल अछि ।
आलमके थुनामे राखि कऽ पुर्पक्ष कएल जाए, धरौटीमे छोडल जाए या तारिखमे छोडबाक विषयमे बहस चलि रहल समय एहि मुद्दामा नयाँ ट्वीस्ट आएल अछि ।
राजपुर बम विस्फोटमे घायल भऽ कऽ ईँटा भठ्ठामे जराओलगेल कहलगेल ओसी अख्तरके पत्नी ओ वैदेशिक रोजगारमे गेलाक बाद नहि घुरल अदालतमे निवेदन देलीह अछि ।
अख्तरके पत्नी खातुन ओसीके विस्फोटमे मृत्यु नहि भेल बल्कि रोजगारीके लेल विदेश गेल मुदा घर नहि घुरल कहैत ओ निवेदन देलीह अछि । यद्यपि हुनकर निवेदन दर्ता नहि भेल अछि ।
खातुन सरकारी गवाह छथि । हुनका अपन बात राखबालेल सरकारी वकिलमार्फत आबए परतन्हि । मुदा प्रतिवादी आलमक वकिलमार्फत अओलाक कारण वादी पक्षक वकिलसभ प्रतिवाद कएलन्हि अछि । न्यायाधीश निवेदनके बादमे देखब कहलन्हि अछि ।
मुद्दामे वादी पक्षमे रहल एक अधिवक्ताअनुसार आलमक आदमीसभ एखनो सरकारी गवाहकेँ प्रभावित करबाक प्रयास कऽ रहल अछि । ओहिके परिणामस्वरुप खातुनक निवेदन आएल अछि ।
स्रोतक अनुसार आलमक आदमीसभ खातुन परिवारकेँ फुसलएबाक प्रयास कऽ रहल भिडियो सेहो प्रहरी प्राप्त कएलक अछि । ओहिमे आलमक आदमसभ खातुन परिवारकेँ अपनासभकेँ मिलए परत कहलगेल प्रष्ट सुनलगेल अछि, मुदा लेनदेन नहि खुजल अछि ।
खातुनक बाबु एहि मुद्दाक एक मजबुत प्रमाण छथि, जे बम विस्फोटमे घायल भेलसभकेँ ईँटा भठ्ठामे जराओलगेल गहँुमक खेतमे नुका कऽ देखने बतओने छलथि । ओहाय २०६५ सालमे देलगेल लिखित बयानकेँ मजबुत प्रमाण मानलगेल अछि । मुदा हुनके बेटी मृतक कहलगेल अख्तर विदेशमे जा कऽ नहि घुरल कहैत निवेदन देने छथि ।
यद्यपि एहिसँ मुद्दाकेँ कोनो प्रभाव नहि परत सरकार पक्षीय वकिलसभ बतबैत छथि ।
२०६४ साल चैत २७ गते दर्जनसँ अधिक आदमीके ईंटाभठ्ठाक चिमनीमे राखि कऽ जिविते जरओने अभियोगमे आलमउपर जिल्ला सरकारी वकिल कार्यालय तीनटा मुद्दा दताए कएने अछि । जिल्ला न्यायाधीश दीपक ढकालक इजलासमे हुनकर बयान समाप्त भेलाक बाद आब आलमक पक्ष आ विपक्षमे कानुनु व्यवसायीसभ बहस शुरु कएने छथि ।
पीडितके पक्षसँ पूर्वमहान्यायाधिवक्ता डा.युवराज संग्रौला, वरिष्ठ अधिवक्ता आशिकराम कार्की, गोविन्द शर्मा बन्दी, अधिवक्ता पुष्पराज पौडेल, ओमप्रकाश अर्याल, दिनेश त्रिपाठी, डा.कुमार शर्मा आचार्य बहस करताह ।
प्रतिवादी आलमक पक्षसँ वरिष्ठ अधिवक्ता शेरबहादुर केसी, योगेन्द्र अधिकारी सुनील पोखरेल, कृष्ण घिमिरे रौतहट पहुँचल छथि ।
एहिसँ पहिने वृहस्पतिएदिन आलमक बयान पुरा भेल छल । आलमकेँ ५१ टा प्रश्न पुछलगेल छल । वृहस्पतिदिन तेसर दिनक बयानमे हुनकासँ हत्याक प्रयास आ बम विस्फोटसम्बन्धी कसुरक विषयमे प्रश्न पुछलगेल छल । न्यायाधीश पुछने अधिकांश प्रश्नके आलम इन्कारी बयान देलन्हि अछि ।
तत्कालीन समयमे सरकारी वकिल कार्यालय मुद्दा नहि चलएबाक निर्णय कएने छल प्रश्नमे मात्र आलम ओहि समय मुद्दा नहि चलएबाक निर्णय भेल छल बतओने छलथि । आलम एकटा एहि प्रश्नके मात्र साविती बयान देलन्हि अछि ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *