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निजगढ विमानस्थलके वैकल्पिक मोडल सार्वजनिक

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जनकपुरधाम अखार २६ गते ।बाराके निजगढमे प्रस्तावित दोसर अन्तर्राष्ट्रिय विमनास्थल निर्माण शुरु करबालेल सरकार पर दबाब परि रहल समय आयोजनाक सिमरा कार्यालय वन तथा वातावरणके कम क्षति तथा लगानी सेहो कम करबाक हिसाबसँ वैकल्पिक ढाँचा सार्वजनिक कएलक अछि ।
सरकारकेँ एहि पहिने निर्माण कार्य आगु बढाबएमे समस्या बनल दोसर अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल निर्माणमे एकतर्फ गाछ कटानक विवाद अछि तऽ दोसरतर्फ लगानी जुटएबाक चिन्ता अछि ।
‘सरकारकेँ सहयोग करबालेल वैकल्पिक आ उत्तम उपायसहितके अवधारणा लओने छी,’ दोसर अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल आयोजनाक प्रमुख ओम शर्मा कहलन्हि,‘निर्माण मोडालिटी, स्रोत व्यवस्थापन आ वातावरणीय मुद्दा व्यवस्थापनक विल्पसभ एहि अवधारणामे समाविष्ट अछि ।’ ओ प्रस्तत कएने विकल्पमे आगु बढलासँ आगामी पाँच वर्षभितरे विमानस्थल निर्माण भऽ सञ्चालनमे आबि जाएत शर्मा दावा कएलन्हि ।
शर्माक अनुसार पहिल पाँच वर्षमे एकटा धावनमार्ग आ टर्मिनल भवनसहितक संरचना बना कऽ विमानस्थल सञ्चालन कएल जा सकैत अछि । कुल १ खर्ब १० अर्ब रुपैयाँक लगानीसँ पहिल चरणक काम सम्पत्र होएत हुनकर आकलन अछि । एहिके लेल वार्षिक ३० अर्ब स्रोत व्यवस्थापन पर्याप्त रहल ओ बतओलन्हि ।
पाँच वर्षक पहिल निर्माण चरणमे १० हजार गाछ काटए परत ओ बतओलन्हि । टाँगिया बस्ती स्थानान्तरण आ १० हजार गाछ काटि कऽ एकटा धावनमार्ग, ट्याक्सी वे, टर्मिनल भवन, जहाज पार्किङ, प्रवेश मार्ग, गाडी पार्किङ, एकटा कार्गो भवन, फायर स्टेशन, फ्यूलमार्ग, राडारसहितक संरचना एहि बजेटसँ निर्माण होएत शर्माक अवधारणामे उल्लेख अछि ।
टाँगिया बस्तीमे १४७६ परिवारकेँ विमानस्थलके दक्षिण–पश्चिम क्षेत्रमे रहल ऐलानी जग्गामे स्थानान्तरण करबाक विकल्प एहिसँ पहिने स्थानीय तह देने अछि । शर्मा विमानस्थल बनएबाक क्रममे ७० प्रतिशत सालके गाछ नहि काटए परत उल्लेख कएने छथि । हुनकअनुसार विमानस्थलके पुरा काज समाप्त होबएधरि ३ लाख ३४ हजार गाछ काटए परत आ ओहिमेसँ करिब ५९ हजार ५ सयके संख्यामे सालके गाछके अछि । विमानस्थलके लेल छुट्याओलगेल क्षेत्रमे करिब २५ लाख गाछ रहल वातावरणीय प्रभाव अध्ययान देखओने छल ।
गाछ कटबाक प्रक्रिया शुरु भेलाक बाद विमानस्थल आयोजना विवादमे परल छल । प्रस्तावित विमानस्थलके कुल क्षेत्रफल ८ हजार हेक्टर अछि । निजगढ विमानस्थल सञ्चालनमे आबि गेलाक बादो ४ हेक्टर वन क्षेत्र कायम रहत शर्मा बतओलन्हि ।
आयोजना प्रमुख शर्माक अनुसार दोसर चरणक काम कुल ३ खर्ब ७० अर्ब लगानीमे १२ वर्षमे पुरा कएल जा सकैत अछि । ओहि अवधिमे दोसर धावनमार्ग आ टर्मिनल भवनसहितक संरचनासभ निर्माण होएत तऽ तेसर चरणक काम १ खर्ब २० अर्ब आन्तरिक लगानी जुटा कऽ सम्पत्र करबाक हिसाब शर्मा निकालने छथि ।
एहि चरणमे तेसर धावनमार्ग, टर्मिनल भनसहितक बाँकी संरचना निर्माण होएत ओ तैयार कएने विमानस्थल निर्माणक वैकल्पिक ढाँचामे उल्लेख अछि ।
तीनटा धावनमार्ग रखबाक प्रस्तावित विमानस्थलमे चारिटा टर्मिनल भवन रहत । चारिम टर्मिनल आन्तरिक उडानके व्यवस्थापन करत । वार्षिक ३० अर्ब रुपैयाँ विनियोजन कऽ कऽ तीनु चरणक काज सम्पत्र कएल जा सकैत अछि आयोजना प्रमुख शर्माक अवधारणामे उल्लेख अछि ।
इन्जिनियर शर्मा तैयार कएने वैकल्पिक ढाँचाअनुसार तेसर चरणक काम सम्पत्र भऽ गेलाक बादो विमानस्थलके आधा हिस्सामे वन कायम रहत । विमानस्थल सञ्चालनक ई मोडालिटी सम्बन्धीत सभ निकायमे पहुँचाओलगेल ओ बतओलन्हि ।

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