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‘रामायण सर्किट त्रेताकालीन सभ्यता’

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जनकपुरधाम अखार २६ गते ।मुख्यमन्त्री लालबाबु राउत रामायण सर्किट धार्मिक पर्यटकीय क्षेत्रमात्र नहि भऽ कऽ त्रेतकालीन सभ्यता सेहो रहल बतओलन्हि अछि । रामायण सर्किटक विकासके लेल दुनु देशक सरकारके सहयोग आवश्यक रहल हुनकर कहब छलन्हि ।
वृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषद् बुधदिन जनकपुरमे आयोजना कएने रामायण सर्किटके पूर्वाधार विकास विषयक कार्यक्रमकेँ सम्बोधन करैत मुख्यमन्त्री राउत रामायण सर्किट एहि क्षेत्रक पर्यटकीय विकासके लेल पैघ उपलब्धि सावित होएत उल्लेख कएलन्हि ।
‘रामायण सर्किट धार्मिक पर्यटकीय क्षेत्रमात्र नहि अछि,’ ओ कहलन्हि,‘ई दुनु देशबीचकसम्बन्धके संगहि त्रेताकालीन सभ्यताक झलक सेहो दैत अछि । एहि कारण दुनु देशक केन्द्रीय सरकारकेँ अग्रसर होएब जरुरी अछि ।’
नेपाल आ भारतक सम्बन्ध राजनीतिक मात्र नहि भऽ कऽ परापूर्वकालसँ चलैत आबि रहल जनजनके सम्बन्ध रहल चर्चा करैत ओ एहिकेँ राजनीतिक सीमांकन नहि छेक सकत स्पष्ट कएलन्हि ।
करोडौं हिन्दुसभक आस्थाके केन्द्र जानकी मन्दिरक संगहि एहि क्षेत्रक विकासमे केन्द्र सरकार कोनो ध्यान नहि दऽ सकल शिकायत करैत ओ प्रदेश सरकार अपन क्षमताअनुसार मन्दिरके विश्वमे परिचित करएबाक कार्य आगु बढओने बतओलन्हि ।
उद्योग पर्यटन वन तथा वातावरण मन्त्री रामनरेश राय जनकपुर क्षेत्रक विकासक संगहि धनुषाधामक विकासमे भारत सरकारकेँ सहयोग करबालेल आग्रह कएलन्हि ।
कार्यक्रममे भारत सरकारक पूर्वमन्त्री डा.संजय पासवान मिथिला क्षेत्रक विकासमे रामायण सर्किटके भूमिका महत्वपूर्ण रहल बतओलन्हि । कार्यक्रममे रामयण सर्किटक अध्यक्ष डा.रामवतार शर्मा, प्रदेशसभा सदस्य रामअशिष यादव, साधवी हेमलतासहितक व्यक्तिसभ भारतक अवध आ नेपालक मिथिलाक सम्बन्धक विषयमे अपनअपन धारणा रखने छलथि ।

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