व्यापार घाटा बढल

काठमाण्डु जेठ ३ गते । उत्पादनमूलक वस्तु प्रवद्र्धन कऽ निर्यामुखी अर्थतन्त्र अवलम्बन नहि कऽ सकलाक बाद नेपालकेँ वार्षीक अर्बौ रुपैयाँ व्यापार घाटा होइत आएल अछि । व्यापार तथा निकासी प्रवद्र्धन केन्द्रक प्रारम्भिक तथ्यांकअनुसार चालू आर्थिक वर्षक पहिल आठ महिनामे व्यापार घाटा करिब २४ प्रतिशतसँ वृद्धि भऽ ८७ अर्ब ८९ करोड रुपैयाँ पहुँचल अछि ।
पछिला समय देशमे विभित्र वस्तु तथा सेवाक आयात बढ्ैत गेल तथा ओहि अनुपातमे स्वेदशी उत्पादन निर्यात होबए नहि सकलाक कारण व्यापार घाटा बढल अछि । नेपालमे विदेशी वस्तु तथा सेवा मुख्य रुपेँ भारत, चीन तथा तेसर देशक आयात होइत आएल अछि । निकासी व्यापारमे फनि आयातित देशके अतिरिक्त बंगलादेश, बेलायत, संयुक्तराज्य अमेरिका, जर्मनी, टर्की, फ्रान्स, इटाली, जापान, क्यानाडा, अस्ट्रेलिया, डेनमार्कसहितक देशमे नेपाली उत्पादन आपूर्ति होइत आएल अछि । कूल व्यापारमे निकासी तथा पैठारीक योगदान क्रमशः ६ प्रतिशत आ ९४ प्रतिशत रहल अछि ।
समीक्षा अवधिमे देशक कूल निकासी १५.३ प्रतिशतसँ वृद्धि भऽ कऽ ६१ अर्ब २२ करोड तथा कूल पैठारी २२.९ प्रतिशसँ वृद्धि भऽ कऽ ९ खर्ब ४९ अर्ब ११ करोड पहुँचल अछि । गत आर्थिक वर्षक पहिल आठ महिनामे निकासी पैठारी व्यापारक अनुपात १.१५ प्रतिशत छल चालू आर्थिक वर्षक एहि अवधिमे एकर अनुपात १.१६ प्रतिशत पहुँचल अछि ।
चालू आर्थिक वर्षक आठ महिनामे नेपालसँ निकासी भेल प्रमुख वस्तुमे पोलिष्टर तथा अन्य धागा, लोहाजन्य उत्पादन, उनी गलैँचा, तयारी पोशाक, जुट तथा ओहिसँ बनल सामग्री, पश्मिना, चाय, जीआइ पाइप, जुस, अलौँची, जडीबुटीसहितक अछि ।
तहिना चालू आर्थिक वर्षक पहिल आठ महिनामे पेट्रोलियम पदार्थक आयातमे करिब ३६ प्रतिशसँ वृद्धि भऽ कऽ एक खर्ब ३७ अर्ब ६० करोड पहुँचल अछि । सवारी साधनक अतिरिक्त भौतिक पूर्वाधारक निर्माण तथा विकास परियोजनामे पेट्रोलियम पदार्थक प्रयोग बढलाक कारण एकर आयातसेहो बढल केन्द्र जनओलक अछि ।
अधिकांश आयातित वस्तु औद्योगिक उत्पादन, मालवस्तु ढुवानी तथा सार्वजनिक यातायातमे खर्च भऽ रहल सन्दर्भमे एहि वस्तुके आयात सेहो समग्र अर्थतन्त्रकेँ चलायमान बनाबएलेल महत्वपूर्ण योगदान कएने अर्थविद् राधेश्याम मलाकार बतओलन्हि ।
व्यापार घाटा न्यूनीकरण करबालेल वाणिज्य तथा औद्योगिक नीतिकेँ समयसापेक्ष परिमार्जन करबाक, उत्पादन बढाबएलेल आवश्यक व्यवस्थाकेँ नीतिमे समावेश कऽ कार्यान्वयन करबाक जरुरी देखलगेल अछि । करिब ५० लाख युवा जनशक्ति रोजगारीक खोजीमे विदेश जएबालेल बाध्य भेलाक कारण स्वेदशमे अधिकांश खेतबारी बाँझ अछि । जाहि कारणसँ स्वदेशमे उत्पादन होबएबला कृषिजन्य उपज आयात भेल आ विप्रेणसँ आबएबला रकमके अधिकांश हिस्सा उपभोग क्षेत्रमे खर्च भेल अछि । अपनासभक विकासोन्मुख देशमे उत्पादन भेल वस्तु तथा सामग्री लागत महँग भऽ आयातित सामग्री सस्ता भेलाक कारण सेहो व्यापार घाटा भेल अर्थविद् मालाकारक दावा अछि ।

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