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प्रहरीमे गृहके हस्तक्षेपः आइजीपीके चेनअफ कमान्ड बँचाबएमे कठिनाइ

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जनकपुरधाम जेठ ३ गते ।गत सप्ताह नेपाल प्रहरीक विशिष्ट श्रेणीक एआइजी धिरु बस्नेतके पहिल श्रेणीके दरबन्दी रहल सुरक्षा परिषदमे बदली कएलगेल । त्रिभुवन विमानस्थल सुरक्षा प्रमुख शेरबहादुर बस्नेतसँ कनिष्ठ डीआइजी शैलेस थापा महानगरीय प्रहरी आयुक्त कार्यालय रानीपोखरीमे आनलगेलाकबाद विमानस्थल पहुँचल ४५ दिनभितरे डीआइजी बस्नेतके सुरक्षा परिषदमे बदली कएलगेल । प्रदेश २ क डीआइजी दिनेश आमात्यकेँ ४ महिनामे जनकपुरसँ साइबर क्राइम ब्युरोमे बदली कएलगेल । नेपाल प्रहरीके बदलीमे उपरका निकायमे भेल चलखेल ई प्रतिनिधि घटना अछि । कोनो प्रहरीके बदली सामान्य अवस्थामे १ वर्ष पहुँचलाक बादे करबाक प्रचलन प्रहरीमे अछि ।
२०७५ कार्तिकमे दाङके प्रहरी प्रमुख एसपी कृष्णहरी शर्माके तीन महिनामे बदली कएलगेल । प्राविधिक क्षेत्रक सिडिओ गजेन्द्रबहादुर श्रेष्ठ प्रहरी अनुसन्धानमे हस्तक्षेप कएलन्हि । एसपीसँग विवाद बढलाक बाद मन्त्रालयक निर्देशनमे एसपी शर्माके बदली कएलगेल ।
धनुषा प्रहरीके नेतृत्व कऽ रहल एसपी गोविन्द थपलियाके ५ महिनामे बदली भेल । सिन्धुली एसपी रामेश्वर यादव, धादिङके एसपी डम्बरबहादुर विक आ कपलिवस्तुक एसपी मनोजकुमार यादवकेँ जिल्ला पहुँचलाक ५ महिनामे हेडक्वार्टरमे बदली कएलगेल ।
समय अवधिसँ पहिने बदली कएलगेल प्रहरी अधिकारीकेँ कोनो नहि कोनो बहानामे बदली करब आ अपना इच्छाअनुसारक व्यक्तिकेँ ओहि स्थानमे पठएबाक चलखेल बढल शिकायत प्रहरीभितर बढैत गेल अछि तऽ संगठन लगओने आरोप सेहो पुष्टि नहि भऽ सकल अछि ।
नेपाल प्रहरीमे गृह मन्त्रालयक राजनीतिक आ प्रशासनिक दबाब बढलाक बाद मुख्यालयके भूमिका कमजोर बनैतगेल अछि । बदली, पदोन्नतीसहितक नियमित प्रक्रियामे सेहो गृहसँ हस्तक्षेप होबए लगलाक बाद प्रहरी नेतृत्वके चेन अफ कमान्ड बँचाबएमे समस्या होबए लागल अछि ।
प्रहरी प्रधान कार्यालयकेँ करएबला नियमित काजमे गृह सचिव प्रेमकुमार राईके हस्क्षेप बढलाक बाद प्रहरी भितरेसँ व्यापक शिकायत आबए लागल अछि । गृहमन्त्री रामबहादुर थापाक साथ पओने राई मन्त्रीके पावर सेहो अपने अभ्यास करए लगलाक बाद आइजिपी सर्वेन्द्र खनाल असन्तुष्ट बनल छथि ।
स्रोतक अनुसार सचिव राई जिल्ला प्रहरी प्रमुख तथा प्रहरीके अन्य युनिटक प्रमुखके सोझे फोन कऽ झपारल करैत छथि । ‘सरकार आ नेकपाकेँ सहयोग नहि करब तऽ आहाँके निक नहि होएत,’ ओ एहि भाषामे प्रहरी अधिकारीके झपारल कहैत छथि स्रोत जनओलक अछि । वरिष्ठ प्रहरी अधिकृतसभकेँ समयसँ पहिने बदली करब आ जिम्मेवारीमे बारम्बार फेरबदल करबाक काज एखन गृहक दबाब आ निर्देशनमे होइत आएल अछि ।
नेपाल प्रहरीक पूर्व डिआइजी हेमन्त मल्ल प्रहरीके आन्तरिक बदली पदोन्नतीमे गृहक राजनीतिक तथा प्रशासनिक हस्तक्षेप संगठनके लेल हितकर नहि होएत बतओलन्हि । ओ कहैत छथि,‘सरकारक सभ निकायमे पहुँचएबला प्रभावकारी संगठन प्रहरी अछि । प्रहरीमे अवस्वस्थ्य क्रियाकलाप भेल तऽ ओकर असर जनताधरि पहुँचत ।’
मल्लाके अनुसार नेपाल प्रहरीमे एहि प्रकारक विकृति विगतसँ एखन बढल अछि । २०६३ के जनआन्दोलनबाद नेता आ शक्तिमे पहुँचलसभ प्रहरी परिचालनमे सेहो अनावश्यक दबाब आ हस्तक्षेप कऽ रहल अछि । एहिकेँ संगठनके चिरबाक चाही । ओ कहलन्हि,‘कोनो अफिसर या प्रहरी केहन अछि, ओकर क्षमता केहन छैक ई संगठनके रेकर्डमे रहैत अछि आ कार्यक्षमताक आधार पर बदली तथा पदोन्नती होइत अछि ।’
संगठन उपयुक्त व्यक्ति चयन कऽ नहि खटओलक या दबाबमे फिर्ता कएने अवस्थामे ओकर असर संगठन आ सरकारकेँ परि सकैत अछि हुनकर कहब छन्हि । अस्वस्थ्य क्रियाकलाप रोकबाक जिम्मेवारी संगठन आ ओकर प्रमुखके रहल मल्ल बतओलन्हि ।
नेपाल प्रहरीके केन्द्रीय प्रवक्ता डिआइजी विश्वराज पोखरेल नेपाल प्रहरीके जिल्ला नेतृत्व नियमित रुपेँ एक वर्ष धरि नहि हटाओल जाएत बतओलन्हि । जिल्ला नेतृत्वक कार्यशैली निक नहि भेल, जिम्मेवारी पुरा नहि कऽ सकल, शान्तिसुरक्षा सुदृढ नहि बना सकल अवस्थामे मात्र बदली होएत ओ बतओलन्हि ।
हुनक अनुसार कार्यसम्पादनक हेडक्वार्टर नियमित निगरानी आ सूचना संकलन करैत अछि । ककरो दबाबामे जिल्ला कमान्डर परिवर्तन नहि होइत अछि ओ बतओलन्हि ।

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