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प्रधानमन्त्री ’हाकिम’ बनला बाद ६ अर्ब राजस्व छली

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काठमाण्डू २१ गते ।केपी शर्मा ओली प्रधानमन्त्री भेला बाद विगत ९ महिना अवधिमे विभिन्न कम्पनी तथा उद्योगसँ करिब छ अर्ब रुपैयाँ राजस्व छली भेल तथ्य बाहर आएल अछि । विभिन्न कम्पनी, उद्योग, फर्मल सहित बिगो जरिबाना, ब्याज नहि तिरलासँ अतेक पैघ परिमाणमे राजस्व छली भेल राजस्व अनुसन्धान विभाग जनओलक अछि । गत फागुनमे प्रधानमन्त्री होबए लगले ओली अर्थ मन्त्रालयअन्तर्गतक सम्पत्ति शुद्धीकरण अनुसन्धान विभाग आ राजस्व अनुसन्धान विभाग तथा गृह मन्त्रालयअन्तर्गतक राष्ट्रिय अनुसन्धान विभाग प्रधानमन्त्री कार्यालय मातहत लओने छल ।
विभागक निर्देशक शेखर पौडेल विभाग प्रधानमन्त्री कार्यालय मातहतमे आएल एम्हर करिब ६ अर्ब रुपैयाँ राजस्व चुहावट भेल जानकारी देलन्हि । हुनका अनुसार विभाग अनुसन्धान आ छानबिन कऽ चुहावट भेल राजस्व संकलन करबालेल माँग दाबीसहित विभिन्न जिल्ला अदालतमे मुद्दा दायर कएलक अछि ।विभाग प्रधानमन्त्री मातहत आबएसँ आगा राजस्व छली कएन्हिारकेँ भन्सार ऐन आ राजस्व ऐनअन्तर्गत कार्यान्वयन होइत छल । एखन विभाग राजस्व चुहावट (अनुसन्धान तथा नियन्त्रण ऐन ०५२), विदेशी विनिमय नियमित करएबला ऐन, ०१९ अन्तर्गत तय कएलगेल कार्य सम्पन्न करबाक जिम्मेवारी पओने अछि । ई ऐन कार्यान्वयन कएलापर राजस्व संकलन प्रभावकारी होइत गेल हुनकर कहब छलन्हि । ओ कहलन्हि, ’विगतसँ एखन कानुनी व्यवस्था कडा रहलासँ कोनो उद्योगी व्यापारी राजस्व नहि छलि सकैत अछि ।’

राजस्व छली भेला बाद बिगोसहित तिरए पडत । ओ कहलन्हि, ’केऊ १० हजार राजस्व छली करैत अछि तऽ ओ बिगो आ जरिबानासहित ३० हजार रुपैयाँ तिरए पडत ।’ विभागअन्तर्गत चारिटा क्षेत्रीय एकाइ कार्यालय (पूर्वाञ्चलके इटहरी, मध्यमाञ्चलके पथलैया, पश्चिमाञ्चलके बुटवल आ मध्य तथा सुदूरपश्चिमाञ्चलके कोहलपुर) रहल अछि । २०५० सालमे स्थापित विभाग देशभरि राजस्व चुहावट आ आर्थिक अपराध नियन्त्रण करैत अछि । गैरकर राजस्व अुनसन्धान, तहकिकात आ कारबाही विदेशी विनिमय अपचलन रोकथाम आ नियन्त्रण तथा समग्र राजस्व चुहावट एवम् नियन्त्रण करबाक जिम्मा विभागके भेटल अछि ।
एखन राजस्व चुहावट आ आर्थिक अपराध नियन्त्रण सहितक महत्त्वपूर्ण जिम्मेवारी अर्थ मन्त्रालयसँ प्रधानमन्त्री कार्यालय मातहत आएल अछि । प्रधानमन्त्री कार्यालय मातहतमे आबएसँ पहिनेके तुलनामे विभाग प्रभावकारी बनैत गेल कर्मचारीसभक दावा अछि । सरकार चालू आव ०७५÷७६ मे ९ खर्ब ४५ अर्ब ५५ करोड रुपैयाँ राजस्व उठाबएके लक्ष्य रखने अछि । महालेखा नियन्त्रक कार्यालयके अनुसार १६ अगहन धरि ४४.८६ प्रतिशत अर्थात् ४ खर्ब २४ अर्ब २१ करोड रुपैयाँ संकलन भेल अछि । निजी क्षेत्र सरकार राजस्वमुखी भऽ रहल दावा कऽ रहल समय सरकारी अधिकारी पछिल्लो समय राजस्व चुहावट कडाइ कऽ रहल बतबैत छथि ।

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