Breaking-News

एसिड प्रहार कएन्हिार पासवान पुर्पक्षक लेल जेल चलान

Please follow and like us:

रौतहट १८ । पडोसी दिदी बहिनकेँ एसिड प्रहार कएने अरोपमे पकराएल चन्द्रपुर नगरपालिका–६ क रामबाबु पासवानकेँ जिल्ला अदालत गौर मंगलदिन पुर्पक्षक लेल थुनामे रखबालेल आदेश देलक अछि । आदेशक बाद ओकरा कारागार पठाओल जाएत । १८ वर्षीया सम्झनाकुमारी दास आ हुनकर १५ वर्षीया बहिन सुस्मिता कुमारीकेँ एसिड प्रहार कएने आरोपमे पासवान पकराएल छल । गत भादव २६ गते मध्य रातिमे पासवान सम्झना आ सुस्मिता उपर एसिड प्रहार कएने छल । घट्नाके ४ दिनक बाद ओ पकराएल छल । घट्ना लगले ईलाका प्रहरी चन्द्रनिगाहपुर कल डिटेल्स आ ओकर गतिविधिके आधारमे भादव ३१ गते नियन्त्रणमे लेने छल ।
अनुसन्धानसँ सेहो पासवान घट्नामे संलग्न देखलगेल ईलाका प्रहरीके डीएसपी युवराज खड्का बतओलन्हि । ‘घट्नाके राति पासवान सम्झनाकेँ लगातार फोन कएने देखलगेल अछि,’उओ कहलन्हि ,‘विभिन्न कोणसँ अनुसन्धान कएलाबाद पासवानके संलग्नता देखलगेल अछि ।’ प्रहरी कर्तव्य ज्यान आ एसिड प्रहारके मुद्दा चलओने अछि । ओ अनुसन्धानक क्रममे २४ दिन हिरासतमे बैसल छल । प्रहरीके अनुसन्धानक बाद जिल्ला सरकारी वकिलके कार्यालय मार्फत अदालत समक्ष पेश भेला बाद न्यायधिश अम्बिकाप्रसाद निरौलाके एकल ईजलाससँ मुद्दाके कामकारबाहीके लेल थुनामे राखएके आदेश देलगेल अदालतक श्रेस्तादार उप सचिव गुणराज पराजुली बतओलन्हि । ‘अदालतके आदेशक बाद पासवानकेँ जिल्ला प्रहरी कारागार पठाओत’ ओ कहलन्हि,‘एखन फैसला नहि भेल अछि । थुनामे राखि मुद्दाके काम कारबाही करबालेल आदेश आएल अछि ।’
एसिड प्रहार कएला बाद घायल सँगहि पासवान किर्तिपुर अस्पतालमे रेखदेख करबालेल सँग्हि गेल छल । ईलाका प्रहरी चन्द्रनिगाहपुरक टोली ओकरा अस्पतालसँ नियन्त्रणमे लेने छल । एसडिसँ गम्भीर घायल भेल सम्झनाके आशिन ७ गते रातिमे ईलाजक क्रममे मृत्यु भेल छल ।
सुस्मिता किछु दिन आगा ईलाजक बाद घर घुरलीह अछि । हुनकर हाथमे घाव अछि । शरीरमे एसिड पडला बाद सम्झना आ सुस्मिताकेँ चन्द्रपुर अस्पताल विशेष इलाजक लेल काठमाण्डू रेफर कएने छल ।
एसिडसँ सम्झनाके चेहरा, गर्दन, कम्मर आ छातीके भाग जरल छल । हुनका २ बेर शल्यक्रिया कएलगेल छल । चिकित्सक हुनकर शल्यक्रिया कऽ जरल भाग काटि कऽ फेक देला बादो नहि बचाबि सकल सुस्मिताके अवस्था अधिक गम्भीर नहि छल । एसिडसँ हुनकर दाहिना हाथलँगसँ काख धरि पूरा जरल छल । ५ प्रतिशत मात्र जरलासँ ओ खतरामुक्त छलीह ।

Have your say