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जनकपुरक व्यपारीमे नहि अछि दशमीके उत्साह

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जनकपुरधाम १८ । नेपालीसभक महान पावनि दशमी आबएमे मात्र २ दिन बाँकी अछि । नेपालमे चर्चित रहल जनकपुरक दुर्गा पूजा प्रत्येक वर्षजँका एहि बेर सेहो हर्षोल्लासके साथ मनाबएके तैयारी अछि । भव्यताके साथ दशमी मनाबए एतुका स्थानीय युवा क्लबसभ जोडतोडसँ तैयारीमे जुटल अछि । प्रमुख शक्तिपीठ राजदेवी मन्दिर सहित एक दर्जनसँ अधिक स्थानमे शक्ति स्वरुपा दुर्गाके मूर्ति स्थापना कऽ एतह भव्यताके साथ दशमीके पूजाअर्चना कएल जाइत अछि । राम मन्दिर परिसर भितर रहल राजदेवी मन्दिर, विद्यापति चौक स्थित दुर्गा मन्दिर, रामानन्द चौक, पिडडीया माइस्थान, वौधीमाई रजौल सहितक विभिन्न चौक चौकमे मूर्ति स्थापना कऽ पूजा कएल जाएबला स्थानसभमे आकर्षक पण्डाल, रंगबिरंगी बल्ब लाइट लगाबएके काज चलि रहल अछि ।
मुदा, एडिबीके ऋण सहयोगमे जनकपुरमे सञ्चालित एकिकृत सहरी विकास परियोजना अन्तर्गत निर्माण भऽ रहल सडक दशमी आबए लगला बादो नहि बनि सकला बाद निरास अछि, एतुका व्यपारी । बजारमा पहुँचए लेल एखनो सडक निर्माण नहि भऽ सकलासँ दशमीके लेल बजारमे सर्वसाधारणके चहलपहल नहि अछि ।
सडक विस्तारक क्रममे तोडलगेल घरसभ मर्मत नहि भऽ सकला बाद करोडो घाटा सहि कऽ सटर बन्द कऽ कऽ बैसल अछि, जनकपुरक व्यापारीसभ । करिब एक वर्षसँ जनकपुरक व्यवसाय धरासायी बनि गेल अछि । ६ महिनासँ कतेको व्यापारी दोकानके ताला सेहो नहि खोलि सकल अछि । सुनसान देखलगेल अछि, जनकपुरक मूल व्यापारिक क्षेत्र भानुचौक, जनक चौक आ जानकी चौकके सडक, राममन्दिरसँ जानकी मन्दिरके बाट आ जानकी मन्दिरसँ महावीर चौकके रस्ता । सडक विस्तारक क्रममे व्यावसाय ध्वस्त भेला बाद ऋण आ कर्जाके दबाब नहि झेल सकलासँ किछु व्यापरी विस्थापित भेल अछि तऽ किछु भारततर्फ सेहो पलायन भऽ चुकल अछि ।
जनकपुरधाम उपमहानगर भितर सञ्चालनमे रहल करिब १० हजार दोकानके व्यवसायमे अगिला सालसँ एहि बेर ८० प्रतिशतसँ व्यपारमे फरक देखलगेल अछि । दसैंमे लाखोके आम्दानी कएन्हिार एतुका कपडा आ सोन चाँदी व्यवसायीसभ सभसँ अधिक मारमे पडल अछि । दशमी तिहारक समय सोनचाँदी खरिद बिक्री होबएबला जनकपुरक अधिकांश दोकान सञ्चालनमे नहि अछि ।
‘सडक निमार्णक क्रममे घर टुटि गेल, ५ महिनासँ सटर बन्द अछि । पहिने आएल रु.१४ लाखके माल (कपडा) जहिनाके तहिना थन्कल अछि । १८ वर्षसँ जनक चौक जानकी चौकके बीचमे कपडा दोकान सञ्चालन करैत आएल भोला साह कहलन्हि ‘ऋणके ब्याज नहि तिरए सकल छी । ऋण कोना तिरु ? हमरासभक क्षतिपुर्ति के तिरत ?’
दसैँ नजदिक आबि गेला बादो सकड नहि बनि सकलासँ दोकानमे ग्राहक नहि आबि रहल रेडिमेड कपडा व्यपारी अविनाश झा बतबैत छथि । भानुचौकसँ रेल्बे स्टेशनके रस्तामे बुटिक सञ्चालन करैत आएल रीतु अग्रवाल कहलीह, ‘सडक अवरुद्ध भेलासँ एहि बेरक दसैँ तिहार ओहिना चलि जाएत, गत वर्ष एहि समयमे दशमीके बजार सुरु भऽ गेल रहैत छल , मुदा एहिबेर किछु अतापता नहि अछि,’ ओ कहलीह, ‘सामान दोकान धरि नहि आबि सकैत अछि, रहल सामा सेहो लेबए आबए लेल ग्राहककेँ सहज होबएबला रस्ता नहि अछि ।’
सोनचाँदी व्यवसायी अमर ठाकुर कहलन्हि, व्यापार विकासक लेल, सडक जल्दी बनएबामे नहि तऽ उद्योग वाणिज्य संघ चाखि देखओलक नहि तऽ उपमहानगरपालिका ।

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