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कनिष्ट आ विवादस्पद एसपीकेँ बढुवामे मन्त्रालयमे चलखेल

काठमाण्डू पुस १७ गते ।गृह मन्त्रालय प्रहरी नियमावली संशोधन कऽ कऽ किछु कनिष्ट आ विवादास्पद प्रहरी उपरीक्षक (एसपी) केँ वरिष्ठ प्रहरी उपरीक्षक (एसएसपी) मे बढुवा करए जा रहल अछि । प्रहरी नियमावलीमे श्रेणीगत बढुवाके लेल कोनो पदमे कमसँकम चारि वर्ष सेवा अवधि पूरा कएने होबएके प्रावधान अछि । एहन प्रावधान सिपाहीसँ एसपी धरि लागु होएत । गृहमन्त्री रामबहादुर थापा किछु कनिष्ट तथा विवादास्पद एसपीके बढुवा करबालेल ओ नियमावली संशोधन करबालेल सोमदिन मन्त्रिपरिषद्मे प्रस्ताव लऽ जाए लागल अछि । नेकपा अध्यक्ष तथा प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली, दोसर अध्यक्ष प्रचण्ड आ गृहमन्त्री थापाकेँ प्रलोभन दऽ कऽ किछु कनिष्ट तथा विवादास्पद एसपी प्रहरी नियमावलीमे परिवर्तन कऽ कऽ बढुवा करबाक लबिङमे अछि ।
नियामावलीके संशोधित प्रस्तावमे प्रहरीके बढुवा नियमावलीमे रहल चारि वर्षक प्रावधान हटा कऽ तीन वर्षमे लाबएके व्यवस्था कएलगेल अछि । नियमावली संशोधनक ओ प्रस्ताव गृहमन्त्री थापा सोमदिन बैसएबला मन्त्रिपरिषद् बैठकमे पारित करएजँका पेस करए लागल दादाबी उच्च स्रोत कएलक अछि । बढुवासम्बन्धी तीनवर्षक नयाँ नियमावलीमे प्रधानमन्त्री एवम् नेकपा अध्यक्ष ओली, दोसर अध्यक्ष प्रचण्ड, गृहमन्त्री थापा, गृह सचिव प्रेमकुमार राईबीच सहमति भऽ गेल अछि । आइजिपी सर्वेन्द्र खनाल चारि वर्षक प्रावधान हटओलापर कनिष्ट एसपीके चलखेल बढ्लासँ ओ प्रावधान हटाबएके पक्षमे नहि छलथि ।
उच्च तहमे नियमावली संशोधन करबाक सहमति भेला बाद खनाल ओहिके प्रतिवाद करबाक अवस्थामे नहि अछि । आइजिपी खनाल आगामी फागुन धरि बढुवा खुलाबएके पक्षमे नहि छलथि । मुदा,.ग गृह मन्त्रालय आ उपरका निकायसँ नियमावली संशोधन करबक तैयारी भेला बाद ओ निरीह बनल उच्च स्रोत जनओलक अछि । गृहमन्त्री रामबहादुर थापा किछु कनिष्ट तथा विवादास्पद एसपीकेँ बढुवा करबालेल प्रहरी नियमावली संशोधन करबालेल सोमदिन मन्त्रिपरिषद्मे प्रस्ताव लऽ जाए लागल अछि ।
गृह मन्त्रालय गत आसिन २१ गते ११ गोटे एसएसपीकेँ डिआइजीमे बढुवा सिफारिस कएने छल । जेठमे चारि गोटे एसएसपी अनिवार्य अवकाश प्राप् कएला बाद एखन १५ गोटे एसएसपीके पद रिक्त अछि । नेपाल प्रहरीके प्रवक्ता उत्तम सुवेदीके अनुसार बढुवासम्बन्धी चारि वर्षक नियमावलीके कारण लम्बा समय पद रिक्त रहलासँ निचका तहमे कार्यरत प्रहरी धरिक बढुवा रोकलगेलासँ नियमावली परिवर्तन करए जा रहल अछि ।
नियमावली बाधक बनल कहैत प्रहरी प्रधान कार्यालय एसएसपी बढुवाके सिफारिस नहि कएने छल । बढुवाके सूचीमे रहल अधिकांश एसपीके चारि वर्ष सेवा अवधि पहुँचल नहि अछि । बढुवामे चलखेल नहि भेल वरिष्ठताक आधारमे श्याम जवाल, सन्दीप भण्डारी, गणेश रेग्मी, टेकप्रसाद राई, बुद्धि गुरुङ, उमेश जोशी, रामदत्त जोशी, नरेन्द्र उप्रेती, मीरा चौधरी, किरण बज्राचार्य, पोषराज पोखरेल, नवराज भट्ट, कुवेर कडायत, उमेश जोशी आ रवीन्द्र रेग्मी एसएसपीमे बढुवा होएत ।
बढुवामे किछु कनिष्ट एसपी नेकपा उच्च नेता, गृहमन्त्री थापा आ हुनका निकटके व्यक्तिसँग नजदिकी बढाबए लगला बाद प्रहरी मुख्यालय सेहो हच्कल अछि । नियमावली संशोधन भेला बाद तस्करीमे संलग्न, गुन्डा नाइकेसँग रहैत आएल आ शक्तिकेन्द्रक गेट तोडएबला एसपीसभकेँ बढुवा होबएके रास्ता खुजत । नेपाल प्रहरीके सरुवाबढुवा प्रहरी प्रधान कार्यालयसँ होएबाक चाही । पछिला समय सामान्य सरुवाबढुवा तथा प्रहरीसँग सम्बन्धित अन्य महत्त्वपूूर्ण काजमे गृह मन्त्रालय आ गृहमन्त्री नजदिकक व्यक्तिके चलखेल बढला बाद प्रहरीके चेनअफ कमान्ड कमजोर बनैत गेल अछि ।

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पत्रकार उपर अपशब्द प्रयोग कएने मन्त्री साहके स्वीकारोक्ति

जनकपुरधाम पुस १७ गते । अपन पदीय मर्यादाकेँ ख्याल नहि कऽ देशक चारिम अंगके रुपेँ रहल पत्रकारकेँ जुत्तासँ मारए पडत कहि निकृष्ट अभिव्यक्ति देन्हिार प्रदेश २ क सामाजिक विकास मन्त्री नवलकिशोर साह अपन गल्ती स्वीकार कएलन्हि अछि । राजपा नेपालसँ मन्त्री बनल साह पत्रकारकेँ जुत्तासँ मारए पडत कहि देने अभिव्यक्तिप्रति गल्ती स्वीकार कएला बादो माफी नहि माँगि कऽ उन्टे पत्रकारकेँ धम्की देने छथि ।
रविनि गृहजिल्ला सप्तरी पहूँचल मन्त्री साहकेँ स्थानीय पत्रकार प्रदेश २ क राजधानीमे घर रहल किछु प्रदेश सांसद घरभाडा लेने विषयमे जिज्ञासा रखला बाद मन्त्री साह पत्रकारकेँ जुत्तासँ मारए पडत कहि निकृष्ट अभिव्यक्ति देने छलथि । मन्त्री साहके अभिव्यक्ति बाद व्यापक आलोचना होबए लगला बाद ओ सोमदिन एक प्रेश विज्ञप्ती जारी करैत गल्ती स्वीकार कएलन्हि अछि । मुदा माफी सेहो नहि माँगि कऽ उन्टे पत्रकारकेँ घुमौवा शैलीमे धम्की देलन्हि अछि ।
मन्त्री साह जारी कएने विज्ञप्तिमे कहलगेल अछि “पत्रकारकेँ हमर अपशब्दके प्रयोगसँ संचारकर्मी मित्रसभ तथा संचारमाध्यमसभके मर्यादामे ठेंस पहूँचलाक कारणेँ हम अपन शब्द जहिनाके तहिना फिर्ता लैत छी ।”
विज्ञप्तीमे उल्लेख अछि ‘हमर मनसाय कोनो संचारकर्मी मित्र तथा संचार माध्यमके भावनामे ठेंस पहुँचाबएके नहि रहल स्पष्ट करए चाहैत छी ।’ सँगहि आब उपरान्त सञ्चारकर्मी मित्रसभ सेहो किनको चरित्रहत्या होबएके किसीमक तथा भागवनामे ठेंस पहुँचाबएजँका समाचार सम्प्रेशन नहि करबालेल आग्रह कएलन्हि अछि । अतेक बात उल्लेख कऽ कऽ पत्रकारकेँ उपदेश देला बादो मन्त्री साह ‘पत्रकारकेँ जुत्तासँ मारए पडत ’ घोर आपत्तिजनक शब्द उच्चारण कएलापर एक शब्दमे सेहो माफी माँगए नहि चाहैत छथि ।

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‘ओली सरकार जनता विरोधी’

सिरहा पुस १७ गते ।नेपाली काँग्रेसक उपसभापति विमलेन्द्र निधि केपी ओली नेतृत्वक सरकार जनता विरोधी रहल आरोप लगओलन्हि अछि । वर्तमान सरकार जनता, कर्मचारी आ विकास विरोधी रहल कहैत सम्पूर्ण आन्दोलनकारी शक्तिबीच एकता करबा पर ओ जोड देलन्हि अछि ।
४३ अम एकता आ मेलमिलाप दिवसके अवसर पर सिरहाक अर्नामामे आयोजित कार्यक्रममे बजैत उपसभापति निधि पोलसभमे अपन तस्बिर लटकाबएबला व्यक्ति निर्मला हत्याराके सजाय नहि दऽ सकब लज्जास्पद रहल बतओलन्हि अछि ।
ंनिर्मला हत्याक प्रमाण सरकारी निर्देशनमे नष्ट कएलगेल तथ्य सार्वजनिक भऽ चुकल ओ बतओलन्हि । नेता निधि मेलमिलाप आ एकता करबालेल मधेशी जनतासँ आह्वान कलन्हि अछि । देशक हरेक आन्दोलनमे मधेशक जनता अग्रणी भूमिका निर्वाह कएने बतबैत निधि मेलमिलाप आ एकता करबालेल आग्रह कएलन्हि । मधेश आ मधेशी जनताक विकास तथा अधिकारक लेल काँग्रेस आ मधेशी जनताबीचक एकता पर ओ जोड देलन्हि अछि ।
एमालेक विरोध करएबला फोरम आ राजपा एखन सत्ता लाोभमे फँसि कऽ संविधान संशोधनके बात विसरल निधि आरोप लगओलन्हि अछि । मधेस आ मधेसी जनताके विकास तथा अधिकारक लेल मधेसी आ काँग्रेसबीच एकता आवश्यक रहल ओ बतओलन्हि अछि । ‘दुनु तर्फसँ गल्ती भेल भऽ सकैत अछि ’ निधि कहलन्हि, ‘पछिला बात बिसरु गल्ती भेल अछि तऽ सुधार करु मुदा एक भऽ कऽ आगु बढल जाए ।’ मधेसी जनताक अधिकार आ विकासकलेल एकता जरुरी रहल ओ बतओलन्हि । सिरहा सभापति रामचन्द्र यादवक सभापतित्वमे सम्पन्न कार्यक्रममे संघीय समाजवादी फोरम अर्नामा गामपालिकाक सभापति रामचन्द्र यादवक सभापतित्वमे सम्पन्न कार्यक्रममे संघीय समाजवादी फोरम अर्नामाक अध्यक्ष जागेश्वर यादवक नेतृत्वमे फोरम आ नेकपा परित्याग कऽ करिब एक हजार नेता तथा कार्यकर्ता काँग्रेसमे प्रवेश कएलन्हि अछि ।

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दीपिका बनिन् ‘बिग बस १२’ बिजेता

मुम्बई – ‘बिग बस १२’ को उपाधि दीपिका कक्कडले उचालेकी छन्। १ सय ५ दिन चलेको बिग बोसको नतिजा १५ हप्ता पछि आइतबार बेलुकी सार्वजनिक गर्दै सलमान खानले दीपिकाको नाम घोषणा गरेका थिए।अन्तिम फिनालेमा भारतीय क्रिकेटर श्रीसन्थ र दीपिकाबीच कडा प्रतिस्पर्धा भएको थियो। दीपिकाले १३ हजार भोट प्राप्त गर्दा श्रीसन्थले ११ हजार भोट पाएकी थिइन्।श्रीसन्थलाई दुई हजार भोट अन्तरले हराउँदै दीपिका ‘बिग बस १२’ बन्न सफल भएकी हुन्। दीपिकाको जितसँगै उनका समर्थकहरुले यतिबेला खुशीयाली मनाइरहेका छन्। उनलाई समर्थकहरुले ट्वीटर, फेसबुक लगायतका सामाजिक सञ्जाल मार्फत बधाई दिइरहेका छन्।दीपिका ‘ससुराल सिमरका’ नामक सिरियलमा काम गरेपछि चर्चामा आएकी थिइन्। उनले जितसँगै ३० लाख भारु र ट्रफी हात पारेकी छन्। तेस्रो नम्बरमा रहेका दीपक ठाकुरले २० लाख भारु लिएर कार्यक्रमबाट बाहिरिए।यस अधिको बिग बसको उपाधी शिल्पा सिन्दे, उर्वशी ढोलकिया, जुही परमार र श्वेता तिवारीलगायतले जितिसकेका छन्।

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सबै स्थानीय तहमा आयुर्वेद सेवा पुर्‍याउन माग

काठमाडौँ- स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालयअन्तर्गतका आयुर्वेद तथा वैकल्पिक चिकित्सा सेवालाई सङ्घीय संरचनामा थप प्रवद्र्धन गर्न र ती सेवाका कर्मचारी समायोजन गर्दा तहगत दरबन्दीमा मिलान गर्न तीन सङ्घ/सङ्गठनले मन्त्रालयको ध्यानाकर्षण गराएका छन् ।योग, आयुर्वेद, पञ्चकर्म, स्वस्थवृतसम्बन्धी सेवा प्रदान गर्न तथा जडीबुटीसम्बन्धी नीति निर्माण एवं कार्यान्वयन गर्न गाउँपालिका, नगरपालिका, उपमहानगरपालिका र महानगरपालिका सबै स्थानीय निकायमा कविराज, आयुर्वेद सहायक तथा आयुर्वेद चिकित्सक पुर्‍याउन माग गरेका छन् ।हाल ७५३ स्थानीय तहमध्ये २५४ तहमा मात्र आयुर्वेद सेवा रहेको छ । सबै जिल्लामा आयुर्वेद स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना गर्नुपर्ने, प्रदेश संरचनामा कामकाज गर्न खटाइएका कविराज ५, ६ र ७ तहको दरबन्दी कटौती नगरी पुनः कायम गर्नुपर्ने, प्रदेश स्वास्थ्य निर्देशनालयमा आठौँँ तहको आयुर्वेद चिकित्सकको दरबन्दी थप गर्नुपर्ने, राष्ट्रिय स्वास्थ्य तालीम केन्द्रमा आयुर्वेद विज्ञको दरबन्दी कायम गर्न, सङ्घीय स्वास्थ्य तथा जनसङ्ख्या मन्त्रालयका ११ औँ तहको आयुर्वेद विज्ञको व्यवस्था गर्नुपर्ने रहेका छन् ।मन्त्रालयका सचिव केदारबहादुर अधिकारीलाई तीन निकायका उच्च पदाधिकारीले आइतबार भेट गरी आफ्ना माग पूरा गर्न आग्रह गरे ।

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ट्राफिक कारबाहीबाट साढे ६ करोड असुल

वीरगञ्ज- प्रदेश नं २ ट्राफिक प्रहरी कार्यालय पथलैया बाराले चालू आर्थिक वर्षको ४ महिनामा साढे ६ करोड बढि राजस्व असुल गरेको छ।आर्थिक वर्ष २०७५/२०७६ को साउनदेखि मङ्सिरसम्ममा ट्राफिक कारबाहीबाट मात्रै ६ करोड ७१ लाख ५१ हजार ५०० रकम उठेको ट्राफिक प्रहरी कार्यालय पथलैयाले जनाएको छ ।जसमध्ये क्षमताभन्दा बढी सामान लोड गर्ने २७ हजार ८५१ सवारी साधनलाई कारवाही गरी रु दुई करोड २२ लाख ६८ हजार राजश्व असुल गरेको छ । उक्त शीर्षकमा राजश्व असुली भएको अन्य प्रदेशभन्दा प्रदेश नं २ अगाडि रहेको सो कार्यालयका प्रहरी उपरीक्षक किरण बज्राचार्यले बताए ।प्रदेश नं २ मा बढ्दो जनसङ्ख्या, सवारी साधनको चाप तथा सडक सञ्जालको अवस्था चुनौती पूर्ण रहे पनि प्रदेश नं २ ट्राफिक प्रहरी कार्यालय पथलैयाले क्षमताभन्दा बढी सामान बोक्ने सवारी साधनलाई कारवाहीको दायरामा ल्याउन, सवारी दुर्घटना न्यूनीकरण गर्न सक्रिय रहेकाले चालू आवको पाँच महीनामा ६५ प्रतिशतले राजश्व वृद्धि गरेको छ ।

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बस र ट्रक ठोक्किँदा १९ घाइते

चितवन : नारायणगढ–मुग्लिन सडक खण्डको दासढुङ्गामा गएराति बस र ट्रक ठोक्किँदा बसमा सवार १९ यात्रु घाइते भएका छन् । जिल्ला प्रहरी कार्यालयका अनुसार काठमाडौँबाट सुर्खेत जाँदै गरेको ना ५ ख ८०४४ नं को बस र भैरहवाबाट काठमाडौँतर्फ जाँदै गरेको ग १ ख ८५७७ नं को ट्रक जुधेका थिए ।
दुर्घटनामा घाइते भएकाहरुको भरतपुर कलेज अफ मेडिकल साइन्सेजमा उपचार भइरहेको छ । घाइतेमध्ये छ जनाको अवस्था केही जटिल र अन्य सामान्य रहेको प्रहरीले जनाएको छ । बसमा ३५ जना यात्रु सवार थिए । दुर्घटना राति ११.२५ बजे भएको हो ।
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प्रदेश लोकसेवा विधेयक संसद्मा

काठमाडौँ, पुस १६ गते । संघीय संरचना अनुसार कर्मचारीको पदपूर्ति प्रक्रिया अगाडि बढाउने अधिकारसहित सरकारले संघीय र प्रादेशिक लोकसेवा आयोग गठनसम्बन्धी विधेयक संसद्मा पेस गरेको छ ।
संघीय लोकसेवा आयोग ऐन संशोधन विधेयक प्रतिनिधिसभामा पेस भएको छ । विधेयक समिति स्रोतका अनुसार विधेयक दर्ता भएको छैन । प्रादेशिक लोकसेवा आयोग गठनसम्बन्धी विधेयक भने आइतबार राष्ट्रियसभामा दर्ता भएको छ ।
संघीय लोकसेवा आयोग विधेयकलाई संघीय संरचना अनुसार रुपान्तरणमात्र गरिएको छ । पुरानै व्यवस्थालाई निरन्तरता दिइएको छ । संघीय आयोगले प्रदेश लोकसेवा आयोग गठन नभएसम्मका लागि भने प्रदेशको अधिकार पनि प्रयोग गर्न सक्नेछ ।
पहिलोपटक गठन हुन लागेको प्रदेश लोकसेवा आयोग तीन सदस्यीय हुनेछ । आयोगमा अध्यक्षसहित बढीमा तीन जना सदस्य रहनेछन् । अध्यक्ष र सदस्यको नियुक्तिको लागि सिफारिस गर्न प्रदेश मुख्यमन्त्रीको अध्यक्षतामा प्रदेशसभाको सभामुख र प्रदेशसभामा विपक्षी दलको नेता रहेको एक सिफारिस समिति रहने व्यवस्था विधेयकले गरेको छ ।
प्रदेश लोकसेवा आयोगले परीक्षाको किसिम, पाठ्यक्रम तर्जुमा, परीक्षण विधि निर्धारण गर्ने अधिकार पाउनेछ । यस्तै, विज्ञहरूको छनौट, प्रश्नपत्र निर्माण तथा परिमार्जन, परीक्षा सञ्चालन, उत्तरपुस्तिकामा सङ्केत नम्बरको प्रयोग, उत्तरपुस्तिका परीक्षण, अन्तर्वार्ता सञ्चालन, नतिजा प्रकाशन र सिफारिस लगायतका काम कारबाहीको अधिकार पाएको छ ।

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आज मेलमिलाप दिवस

काठमाडौं, पुस १६ गते । नेपाली कांग्रेसले सोमबार देशव्यापी रुपमा ४३ आँैं राष्ट्रिय एकता तथा मेलमिलाप दिवस मनाउने भएको छ । काँग्रेसले यसअघि नै केन्द्रबाट ७७ जिल्लामा प्रतिनिधि समेत पठाइसकेको छ ।
भारतमा आठ वर्ष लामो प्रवासपछि नेपाली कांग्रेसका शीर्षस्थ नेताहरु वी.पी. कोइराला, गणेशमान सिंह, रामबाबु प्रसार्इं, शैलजा आचार्य, निलाम्बर पन्थी, खुमबहादुर खड्कालगायत २०३३ सालमा राष्ट्रिय एकता र मेलमिलापको नीति लिएर स्वदेश फर्केको दिन पुस १६ लाई कांग्रेसले राष्ट्रिय एकता तथा मेलमिलाप दिवसका रूपमा मनाउने गरेको छ ।
नेपाली कांग्रेसका नेता एवम् बी.पी. विचार राष्ट्रिय समाजका अध्यक्ष के.बी. गुरुङले त्यतिबेला बी.पी. मेलमिलापको नीति रणनीतिकरूपमा लिएर आउनु भएको थियो तर अहिले ‘राष्ट्रिय मेलमिलाप र एकता’ दर्शनका रूपमा आएको बताउनुभयो ।

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प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीशको सुनुवाइ ‘हेर्दाहेर्दै’मा

काठमाडौँ, पुस १६ गते । संसदीय सुनुवाइ समितिले प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश चोलेन्द्र शमशेर जबराको संसदीय सुनुवाइ प्रारम्भ गरेको छ । आइतबार सुनुवाइ प्रारम्भ भए पनि सदस्यहरूले जवाफ माग्नेक्रम जारी छ । संसद् सेवा अन्तर्गतका कर्मचारीको असहयोग आन्दोलनका कारण ४ बजेपछि सुनुवाइ स्थगित भएको हो ।
सुनुवाइलाई मङ्गलबार बिहान ११ बजेसम्म स्थगित गरिएको छ । अतिरिक्त समयमा काम गरेको भत्ता नपाएको भन्दै पुस १ बाट कर्मचारीले कार्यालय समय बाहेक अतिरिक्त समय काम नगर्ने गरी असहयोग आन्दोलन गरिरहेका छन् ।
आइतबार प्रारम्भ भएको सुनुवाइमा प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश जबराले आफ्ना कार्ययोजना पेस गर्नुभएको छ । जबराको कार्य योजनापछि समितिका सांसद्ले प्रश्न राख्नुभएको थियो । समितिमा छलफलका लागि नाम टिपाउनुभएका दुई सदस्यले आफ्नो धारणा राख्न बाँकी छ । नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (ने क पा)का सदस्यद्वय सुरेन्द्र पाण्डे र निरुदेवी पालले बोल्ने समय पाउनुभएको छैन ।
‘भ्रष्टाचारविरुद्ध निगरानी संयन्त्र’
प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश जबरालले समितिमा आफ्नो कार्ययोजना पेस गर्नुभएको छ । उहाँले विभिन्न दश बुँदामा अवधारणापत्र संसदीय समिति समक्ष पेस गर्नुभएको हो । जसमा न्यायिक उत्तरदायित्व र सुशासन, न्यायमा पहुँच अभिवृद्धि, न्यायपालिकाप्रतिको आस्था र विश्वास अभिवृद्धि, मुद्दा व्यवस्थापन र न्याय सम्पादन लगायतका विषय समेटिएका छन् । यस्तै कार्ययोजनामा मुलुकी संहिताहरूको कार्यान्वयन, सूचना प्रविधिको प्रयोग मानव संशाधन, व्यवस्थापन तथा उत्प्रेरण अभिवृद्धि लगायतका विषय छन् ।
कार्ययोजनामा उहाँले भ्रष्टाचार निरुत्साहित गर्न निगरानीमूलक संयन्त्र क्रियाशील बनाउने पनि बताउनुभयो ।
उहाँले न्यायपालिकाका विकृति अन्त्यका लागि यसअघि भएका अध्ययनको पुनरावलोकन गरी सुझाव कार्यान्वयन गर्ने बताउनुभयो । कार्ययोजना पेस गर्दै प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश जबराले भन्नुभयो, ‘न्यायपालिकामा हुन सक्ने अनियमितता, भष्टाचार वा विचलनजन्य कार्यको अन्तरिक तथा वाह्य वातावरणका सम्बन्धमा विस्तृत अध्ययन गरी त्यसप्रकारको अनियमितता, भ्रष्टाचार वा विचलनजन्य कार्य हुनसक्ने क्षेत्र, तरिका र कारणको पहिचान गरी कार्यान्वयनमा ल्याइने छ ।
विभिन्न तहका अदालतमा विचौलियाबाट हुनसक्ने विचलन वा अनियमितता रोक्न त्यस्ता व्यक्तिको पहिचान गर्न प्रभावकारी उपाय खोज्ने र कानुनको दायरामा ल्याई कारबाही प्रक्रिया अगाडि बढाइने उहाँको प्रतिवद्धता छ ।
उहाँले अदालतका अनियमितता र विचलनका विषयमा प्राप्त सूचनाको यथार्थता परीक्षण गरी वास्तविकताबारे प्रधानन्यायाधीशलाई जानकारी दिने संयन्त्र बनाउने पनि बताउनुभयो । न्यायाधीश तथा कर्मचारीले विचलनजन्य कुनै पनि काम गरेमा उनीहरूको पहिचान गरी कानुन बमोजिम कारबाही गर्ने पनि उहाँले कार्ययोजनामा उल्लेख गर्नुभएको छ ।
न्यायाधीश नियुक्तिका लागि वस्तुनिष्ठ आधारसहितको मापदण्ड बनाउने पनि कार्ययोजनामा उहाँले उल्लेख गर्नुभएको छ । यसअघि २०६९ मा खिलराज रेग्मी प्रधानन्यायाधीश हुँदा मापदण्ड लागू भएको थियो तर २०७१ मा जबरासहितको संयुक्त इजलासले मापदण्ड कानुन विपरीत रहेको भन्दै खारेज गरेको थियो । आफू प्रधानन्यायाधीश भएमा मापदण्ड बनाउने विषयलाई भने उहाँले पुनः कार्ययोजनामा नै राख्नुभएको छ ।
कार्ययोजनामा जबराले आचारसंहिता अनुगमनलाई प्रभावकारी बनाउने, न्यायिक काम कारबाहीमा अनियमितताको निगरानीका लागि आवश्यक प्रशिक्षणसहितको सूक्ष्म अनुगमनकर्ता परिचालना गर्ने पनि उल्लेख गर्नुभएको छ । न्यायाधीशउपरका उजुरी छानबिन गरी कानुन बमोजिम कारबाही गर्ने पनि कार्ययोजनामा राख्नुभएको छ । न्यायमा पहुँच, फैसला कार्यान्वयन, न्यायपालिकाको जनआस्था अभिवृद्धि लगायतका विषयमा पनि कार्ययोजना पेस गर्नुभएको छ ।
रणनीतिक योजना तर्जुमा र कार्यान्वयन, सूचना प्रविधिको अधिकतम् प्रयोगलाई पनि प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश जबराले कार्ययोजनामा सामेल गर्नुभएको छ । अदालतमा गैरसरकारी संस्था निस्तेज गर्न आवश्यक बजेट सरकारबाटै व्यवस्थापन हुनुपर्नेमा पनि उहाँले जोड दिनुभयो ।
इजलास बहिष्कार किन ?
जबराको कार्ययोजना तथा उजुरीमाथि रहेर सांसद्हरूले प्रश्न गर्नुभएको छ । ने क पाका सांसद् शिवकुमार मण्डलले उजुरीका आधारमा जबरालाई प्रश्न गर्नुभयो । मण्डलले सेवा प्रवेशमै बार्गेनिङ गरेको, जुवालाई वौद्धिक खेल भनी फैसलामा व्याख्या गरेको, तत्कालीन प्रधानन्यायाधीशसँगको मतभेदमा बेञ्च बहिष्कार गरेको विषयमा प्रश्न गर्नुभयो ।
मण्डलले नेपाल ट्रष्टको जग्गा पूर्व राजाकी छोरीको दाइजो कायम गरेको, वीरगन्जको सार्वजनिक पोखरी समेत रहेको जग्गा व्यक्तिको नाममा कायम गरेको लगायतका विषयमा जबरासँग जवाफ माग गर्नुभयो ।
ने क पाकै सांसद् सुमनराज प्याकुरेलले वीरगन्जको सार्वजनिक सम्पत्ति व्यक्तिको नाममा किन दर्ताको आदेश भयो भनी प्रश्न गर्नुभयो । संघीय समाजवादी फोरम नेपालका राजेन्द्र श्रेष्ठले सुशासनको प्रतिवद्धता कार्ययोजनामा भए पनि विचौलियासँग सबैभन्दा बढी सम्बन्ध भएको आरोप किन लाग्यो भनी प्रश्न गर्नुभयो ।
काँग्रेस सांसद् जितेन्द्र नारायण देवले भ्रष्टाचारमा शून्य सहनशीलता अपनाउने विषय व्यवहारको कार्यान्वयनको प्रतिवद्धता खोज्नुभयो । उहाँले वीरगन्जको सार्वजनिक सम्पत्ति दुई तहका अदालतले सरकारी ठहर गर्दा सर्वोच्चले कसरी व्यक्तिको नाममा हुने निष्कर्ष निकाल्यो भनी प्रश्न गर्नुभयो । नेकपा सांसद पूर्णकुमारी सुवेदीले अदालतमा विचौलिया अन्त्य गर्ने संयन्त्र के छ भनी प्रश्न गर्नुभयो ।
काँग्रेस सांसद् भीमसेनदास प्रधानले चारवर्षे कार्यकालको कार्ययोजना माग गर्नुभयो । काँग्रेसकै पुष्पा भुसालले न्यायलयलाई विचौलियाबाट कसरी टाढा राख्ने भनी प्रश्न गर्नुभयो । कानुनी सहायताको पारदर्शितामा पनि भुसालले प्रश्न गर्नुभयो ।
नेकपाका सांसद् योगेश भट्टराईले संसद्बाट अस्वीकृत भएका न्यायाधीशको व्यवस्थापन कसरी गर्नुहुन्छ भनी प्रश्न गर्नुभयो । राज्यलाई आर्थिक नोक्सान हुने गरी सर्वोच्चबाट जारी हुने आदेशका सम्बन्धमा भट्टराईले जबरासँग प्रश्न गर्नुभयो ।
अदालतकै आदेशबाट सार्वजनिक सम्पत्ति असुरक्षित हुने प्रचलन कहिले अन्त्य हुन्छ भनी उहाँले प्रश्न गर्नुभयो । ने क पाकै सांसद् पार्वत गुरुङले न्याय क्षेत्रको जनआस्था कमजोर बनाउन आफ्नो भूमिकामा समीक्षा कस्तो छ भनी जबरालाई प्रश्न गर्नुभयो । उहाँले न्यायलयमा सेटिङ अन्त्यका लागि कार्ययोजना नभएको भन्दै धारणा माग गर्नुभयो ।

आन्दालनले सुनुवाइ स्थगित
आइतबार नै सुनुवाइ सक्ने गरी प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीशलाई सुनुवाइका लागि समितिले आमन्त्रण गरे पनि कर्मचारीको आन्दोलनका कारण रोकिएको छ । अतिरिक्त समयमा काम गरेको भत्ताको माग गर्दै कर्मचारी पुस १ गतेबाट आन्दोलित छन् । संसद् अधिवेशन आह्वानको दिन भने कर्मचारीले ४ बजेपछि पनि काम गरेका थिए ।
आइतबार सुनुवाइ जारी रहेका बेला चार बजेपछि सभापति लक्ष्मणलाल कर्णले नेकपा सांसद् पार्वत गुरुङलाई आफ्नो धारणा छोट्याउन आग्रह गर्नुभएको थियो । कर्मचारीले ४ बजेपछि सुनुवाइ भइरहेकै बेला रेकर्डिङ कार्य रोक्ने जनाउ दिएपछि बैठक स्थगित भएको थियो । समिति सभापति कर्णलाई संसद्का महासचिव मनोहरप्रसाद भट्टराईले बैठक स्थगितका लागि सुझाव दिनुभएको थियो ।
बैठक स्थगित भएको घोषणापछि सभापतिले सोमबार बिहान ११ बजेका लागि निरन्तर बैठकको सूचना दिनुभयो तर मेलमिलाप दिवसमा व्यस्त हुने भन्दै काँग्रेस सदस्यहरूले असन्तुष्टि जनाएपछि मङ्गलबार बिहान ११ बजेसम्म सुनुवाइ स्थगित भएको हो । सभापति सोमबार नै बैठक राख्ने पक्षमा भए पनि ने क पा सांसद् सुरेन्द्र पाण्डे लगायतले सबै दल समेटेर लैजानुपर्ने राय दिएपछि मङ्गलबारसम्म स्थगित गरिएको हो ।

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